Sunday, April 30, 2017

मजूर दिवसक प्रासंगिकता आओर इतिहास

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मइ मासक पहिलुक तारीख अछि आइ. अर्थात ओ दिवस जहिया विश्वभरि मे प्रत्येक बर्ख मजूर दिवस मनाओल जाइत अछि. मजूरक तात्यपर्य एहिठाम विश्वक कोन-कोन मे पसरल ओहि असंख्य व्यक्ति सँ अछि जे मात्र किछु टाकाक प्राप्तिक लेल अपन मानवीय शक्ति बेचला उत्तर मानसिक ओ शारिरिक रूपें कोनो व्यक्ति, संस्था अथवा विभागक हेतु खटैत रहैत अछि, जी जान सँ प्रयत्नशील रहैत अछि. 'अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस' एही असंख्य जोन-बोनिहार, खेतिहड़-मजूर सभक कठिन परिश्रम, ढृढ़ निश्चय आ अनंत निष्ठाक प्रतिफल अछि. कतहुँ-कतहुँ ई मजूर दिवस मे दिवस, श्रमिक दिवस, लेबर डे, वर्क्स डे नामे सेहो जानल-गुनल जाइत अछि

कोनो भी देश/राज्यक प्रगति ओकर श्रमिक वर्ग पर आश्रित होइत अछि. एकटा मकान केँ ठाढ़ करबा हेतु जहिना मजगुत नीवक आवश्यकता आ खगता होइत अछि तहिना कोनो संस्था, समाज, देश, उद्योग केँ ठाढ़ करबा हेतु ओहि लेल कार्य कयनिहार योग्य श्रमिक आ कर्मचारीक. आजुक दिवस ओहने श्रमिक वर्गक हेतु समर्पित अछि, जे कि घाम आ शोणित न्योछावर करैत अप्पन अथक परिश्रमक मादे दिन-राति खटला उत्तर देश/राज्यक प्रगति मे निरंतर अमूल्य योगदान दैत छथि, सदिखन प्रयत्नशील रहैत छथि.

कथा 4 मइ 1886 इस्वीक अछि. अमेरिकाक शिकागो स्थित हेमार्केट चौक पर ओहिठाम मजूर लोकनिक भारी जुटान भेल छलैक. कारण ? - तहिया ओतुक्का मजूर सभक आम हड़ताल रहैक. उदेश्य ? - हुनका लोकनि केँ दिन-राति खटेबा, काज करेबा उत्तर हुनका सभक इच्छा, घोषणा जे सभटा श्रमिक वर्ग सँ आठ घंटा सँ बेसी काज नहि करबाओल जाय. अवसर कोनहुँ प्रकारक अप्रिय घटनाक आशंकाक ध्यान रखैत अमेरिकी शिकागो पुलिसक बहाली सेहो भेल छलैक. एही मध्य एकटा अनजान व्यक्ति द्वारा भीड़ पर एक गोट बम चलाओल गेल. तकरा उत्तर पुलिस द्वारा सेहो भीड़ दिस गोली फायर भेल. परिणामस्वरूप घटना मे सात गोट मजूरक तत्काल मृत्यु भ' गेल. तथापि घटनाक किछुए समय उपरान्त अमेरिकी सरकार द्वारा एक शिफ्ट मे काज करयबाक अधिकतम अवधि आठ घंटा क' देल गेल. तहिए सँ ओहि सात मजूरक श्रद्धांजली स्वरूप, हुनकालोकनिक स्मरण मे प्रत्येक बर्ख आजुक दिन 1 मइ केँ मजूर दिवस मनाओल जाइत अछि. 
तकर आरंभ 1886 इस्वी मे शिकागोए शहर मे भेल छलैक. जकर श्रेय निवर्तमान अमेरिकी सरकार केँ जाइत छैक. आइ एकर चलनसारि जगत भरि मे अछि.भारत सहित लमसम सभटा देश वर्तमान समय मे 8 घंटा अधिकतम काज करयबा संबंधित कानून सेहो बनऔने अछि. जहाँ धरि गप्प भारतक अछि त' अप्पन देश मे एहि मजूर दिवसक आरंभ चेन्नइ मे भेल छल. आ पहिलुक बेर 1 मइ 1923 इस्वी मे श्रमिक वर्गक समर्पित ई दिवस मनाओल गेल छल. अस्तु.
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बालमुकुन्द

 

3 comments:

  1. Replies
    1. आभार अपनेक। एहिना पढ़ैत रही आ अपन मूल्यवान समय निकालि अपना विचार सभ सँ अवगत करबैत रही।

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