आदिकाल सँ कंपित स्वर मे विद्रुप होइत रहल अछि स्त्रीक देह

  रोमिशा मैथिली कविताक प्रतिनिधि स्त्री स्वरक रूप मे स्थापित भए रहलीह अछि। सम्बन्ध आ समजाक द्वन्द मे स्त्रीक चिर्रीचोथ होइत अस्तित्वक ...
- December 02, 2018
आदिकाल सँ कंपित स्वर मे विद्रुप होइत रहल अछि स्त्रीक देह आदिकाल सँ कंपित स्वर मे विद्रुप होइत रहल अछि स्त्रीक देह Reviewed by e-Mithila on December 02, 2018 Rating: 5

कवि आ कविता केँ भिन्न-भिन्न बुझबाक चाही : प्रफुल्ल कोलख्यान

समीक्षा :: अजित आजाद समकालीन मैथिली कविताक एक महत्वपूर्ण कवि छथि। पेन ड्राइव मे पृथ्वी हिनक दोसर काव्य संग्रह टटके प्रकाशित भे...
- November 29, 2018
कवि आ कविता केँ भिन्न-भिन्न बुझबाक चाही : प्रफुल्ल कोलख्यान कवि आ कविता केँ भिन्न-भिन्न बुझबाक चाही : प्रफुल्ल कोलख्यान Reviewed by e-Mithila on November 29, 2018 Rating: 5
धूमकेतुक 'शीर्षकहीन' आ किछु अन्य कविता धूमकेतुक 'शीर्षकहीन' आ किछु अन्य कविता Reviewed by e-Mithila on November 11, 2018 Rating: 5
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