हम आब आओर नहि लड़ि सकैत छी


वर्जिनिया वुल्फ विश्वप्रसिद्ध लेखिका छथि आ विश्वभरि मे फेमिनिस्ट लोकनिक मध्य अपन विशेष परिचिति रखैत छथि। 25 जनवरी, 1882 केँ लंदन, ब्रिटेन मे जन्मल वर्जिनिया वुल्फ केँ साहित्य विरासत मे प्राप्त भेलनि। हुनक पिता सर लेस्ली स्टीफन चर्चित इतिहासकार आ लेखक रहथि। परिणामस्वरूप हुनक घर मे बहुतो क्लासिकल साहित्यिक पोथी उपलब्ध छलनि आ निरन्तर बौद्धिक लोक सभक आगमन सेहो होइत रहल छलनि। वर्जिनिया नेनपने मे बहुत रास क्लासिकल साहित्य पढ़लनि आ तदुपरांत बाद मे सम्पूर्ण विश्व केँ अपन साहित्य सँ लेखन आ जीवनक कइएक महत्वपूर्ण सूत्र देलनि। कहल जाइत अछि जे तेरहे वर्षक अवस्था सँ ओ डिप्रेशन मे चलि गेलीह जे हुनका आजीवन गछारने रहलनि आ अपन समस्त साहित्य ओ एही डिप्रेशनक मध्य रचलनि। जखन ओ तेरह वर्षक रहथि तखन हुनक मायक मृत्यु भए गेल छलनि आ एकर दूइए वर्षक बाद हुनक पिता आ बहिनक मृत्यु सेहो भए गेलनि। तथापि एहि अवसाद मे रचलाक बादहुँ हुनक उपन्यास, कथा, लेख आ विचार विश्वभरि मे निरन्तर प्रसिद्ध होइत रहलनि। प्रस्तुत पत्र वर्जिनिया, पति लेनर्ड वुल्फ केँ लिखने रहथि। हुनक एहि अंतिम पत्र केँ हुनक सुसाइड नोट सेहो मानल जाइत छनि। ई पत्र हुनक पति लेनर्ड केँ तहिया प्राप्त भेलनि जहिया ओ आत्महत्या कए लेलीह। आत्महत्या सँ एक दिन पूर्व लेनर्ड हुनका डॉक्टर लग लए गेल रहथि मुदा ताधरि वर्जिनियाक सबटा उमेद समाप्त भए गेल छलनि आ ओ चिकित्सा सेवा लेबा सँ मना कए देने छलीह। अगिला भिनसर, 28 मार्च, 1941 केँ वर्जिनिया अपन जेबी आदि मे पाथर भरि लेलीह आ अपन घरक समीप स्थित ouse नामक नदी मे डूबि गेलीह।

वर्जिनिया आ लेनर्ड वुल्फक एकटा आओर छवि


सुसाइड नोट ::

पति लेनर्ड वुल्फ केँ लिखल वर्जिनिया वुल्फक अंतिम पत्र


प्रियतम,

            हमरा पूर्ण विश्वास अछि जे हम पुनः बताह होमए जा रहलहुँ अछि। हमरा लगैत अछि कि एहि तरहक भयाओन समय सँ आब हम बाँचि नहि सकैत छी आ शाइते दोबारा कहियो स्वस्थ भए सकब। हमरा मारिते रास अवाज सब सुना पड़ैत अछि आ हम अपन धिआन एकठाम केन्द्रित नहि कए पाबि रहलहुँ अछि। एहि हेतु एहना समय मे जे सब करब सभ सँ प्रिय अछि, एखन वैह सब कए रहलहुँ अछि। अहाँ यथासंभव हमरा बड्ड बेसी सुख देलहुँ। अहाँ हमरा दुआरे ओहिना रहलहुँ जेना ककरो होयबाक चाही। हमरा नहि लगैत अछि जे दू टा लोक एहि सँ फाजिल सुख सँ रहि सकैत अछि, ताधरि जाधरि ई बेमारी नहि आबि जाइत अछि।

हम आब आओर नहि लड़ि सकैत छी। हमरा बुझल अछि जे हम अहाँक जीवन बेरबाद कए रहलहुँ अछि— कि अहाँ हमरा बिन नीक सँ काज कए सकैत छी। आओर अहाँ करब, हमरा बुझल अछि। देखू...हम इहो सभ ठीक सँ नहि लीखि पाबि रहलहुँ अछि। हम  पढ़ियो नहि पाबि रहलहुँ अछि। हम मात्र एतबी कहए चाहैत छी जे हम अपन जीवनक समस्त सुखक लेल अहाँक कृतज्ञ छी। अहाँ हमरा संग पूर्णतया सहनशील आ बड्ड नीक जकाँ रहलहुँ। 

हम ई कहए चाहैत छी सभ कियो एहि बात सँ अवगत छथि, जे हमरा कियो बचा सकत तँ ओ कियो अहीँ होयब। सब किछु हमरा सँ छूटि चुकल अछि, सिवाए अहाँ पर कएल गेल विश्वाशक। हम आब आओर अहाँक जिनगी बेरबाद करैत नहि रहि सकैत छी। 

हमरा नहि लगैत अछि जे दू टा लोक एतेक सुखी भए सकैत छथि, जतबा हमरालोकनि रही। 

 —  वी ■ 

______________________

अनुवाद एवं प्रस्तुति : बालमुकुन्द। ई पत्र एतय अनुवादक लेल Wikisource.org सँ आ प्रस्तुत छवि सभ गूगल सँ साभार चयनित अछि। 
हम आब आओर नहि लड़ि सकैत छी हम आब आओर नहि लड़ि सकैत छी Reviewed by e-Mithila on June 20, 2020 Rating: 5

No comments:

Powered by Blogger.