Results for पद्यगच्छ

घसल अठन्नी

कविता : काशीकांत मिश्र 'मधुप' जेठक दुपहरि बारहो कला सँ उगिलि उगिलि भीषण ज्वाला आकाश चढ़ल दिनकर त्रिभुवन डाहथि जरि जरि पछब...
- अक्टूबर 02, 2019
घसल अठन्नी घसल अठन्नी Reviewed by ई–मिथिला on अक्टूबर 02, 2019 Rating: 5
आसक बान्ह टूटल नहि अछि आसक बान्ह टूटल नहि अछि Reviewed by ई–मिथिला on सितंबर 26, 2019 Rating: 5
हे मातृभूमि, शत-शत प्रणाम ! हे मातृभूमि, शत-शत प्रणाम ! Reviewed by Unknown on जून 11, 2017 Rating: 5
कोना क' जीब अहाँ एहेन ऊष्माविहीन जीवन कोना क' जीब अहाँ एहेन ऊष्माविहीन जीवन Reviewed by Unknown on अप्रैल 15, 2017 Rating: 5
Blogger द्वारा संचालित.