Results for कविता
प्रत्येक डेग एकटा संभावना थिक प्रत्येक डेग एकटा संभावना थिक Reviewed by e-Mithila on जनवरी 03, 2020 Rating: 5

अपनहि लिखल भ' गेल अछि अपठनीय

अनुराग मिश्रक किछु कविता :: अनुराग मिश्र मैथिली कविताक नव्यतम पीढ़ी सँ संबद्ध कवि छथि । अनुरागक किछुए कविता एखन प्रकाश मे अएलनि अछि...
- जनवरी 02, 2020
अपनहि लिखल भ' गेल अछि अपठनीय अपनहि लिखल भ' गेल अछि अपठनीय Reviewed by e-Mithila on जनवरी 02, 2020 Rating: 5

तिरोहित होइत स्त्रीत्व

प्रियंका मिश्रा केर किछु कविता :: 1). असौकर्य  अहाँके  असौकर्य अछि आइ  हमरा मुँह सँ निकसल छोट सन शब्द सँ  मुदा हमरा तँ कनियो ...
- दिसंबर 05, 2019
तिरोहित होइत स्त्रीत्व तिरोहित होइत स्त्रीत्व Reviewed by e-Mithila on दिसंबर 05, 2019 Rating: 5

'जँ अहाँ देखि सकितहुँ'

प्रवीण झाक किछु कविता :: 1). जँ अहाँ देखि सकितहुँ  हे! जँ अहाँ देखि सकितहुँ हमर आँखि मे, बाढ़ि मे दहाइत नेन्नाक पीड़ा; त...
- नवंबर 16, 2019
'जँ अहाँ देखि सकितहुँ' 'जँ अहाँ देखि सकितहुँ' Reviewed by e-Mithila on नवंबर 16, 2019 Rating: 5
अनेरो ताकि रहलहुँ अछि संवेदना अनेरो ताकि रहलहुँ अछि संवेदना Reviewed by e-Mithila on नवंबर 12, 2019 Rating: 5
कनमो भरि इजोत कम नहि होइत छैक ! कनमो भरि इजोत कम नहि होइत छैक ! Reviewed by e-Mithila on अक्तूबर 17, 2019 Rating: 5
Blogger द्वारा संचालित.