झरकल मुँह झपनहि नीक

दैनिक समाचारपत्र 'हिंदुस्तान' केर साप्ताहिक कॉलम 'ठाहिं -पठाहिं' मे नियमित रूपेँ व्यंग्य लिखिनिहार शरदिन्दु चौधरीक एकटा व्यंग्य साझा क' रहल छी. एहि व्यंग्य केँ हिंदुस्तान ई कहि प्रकाशित करबा सँ मुंह फेर लेलक की एहि व्यंग्य मे कोर्टक अवमानना कयल गेल छैक. अहाँ पढ़ि क' कहू ,की ठीके एहि मे कोर्टक अवमानना कयल गेल छैक ? शरदिन्दुजीक एहि सँ पहिने 'गोबर गणेश' नाम सँ एकटा व्यंग्य संग्रह सेहो बहरायल छनि - मॉडरेटर. 

व्यंग्य

पदारथ करिया कक्काक हाथमे अखबार दैत, एकटा समाचार दिस इंगित करैत पुछलक- 'ई हाईकोर्टक फटकारवला समाचार पढ़लिऐक की नहि !

करिया कक्का बजलाह- एहि बातपर पहिनहि हमर पूर्वज ठोस बात कहि गेल छथि. पहिने कहलनि - छौड़ी परिकल ढ़ौआपर', फेर ओहिसँ आगाँ कहलनि- 'झरकल मुँह झपनहि नीक'. आब तोरा बुझबामे नहि अबैत छह तँ अखबार पढ़ि-पढ़ि चौंकैत रहह.

- कक्का अहूँ हद्द करैत छी, एहि सामाचारमे कालेजमे हाजरीक कमीपर छात्रालोकनि द्वारा ओकर परिपूर्तिक मांग कयल गेल छैक आ माननीय कोर्ट दोसरे बात कहि मुँहपर ओढनी बान्हि क' चलब आ पार्के-पार्क घुमबाक कान बात नहि देलक. ई तँ उचित नहि ने भेलै' पदारथ बाजल.

-तँ की कोर्ट की कहौ जे अहाँलोकनि स्वतंत्रताक लाभ लैत सवारी सभपर नुमाइस करैत रहू आ लोके आँखि फेरि लिअय. आ की कोर्ट कहौक जे घरसँ निकललि ई पढ़ुआ मैडमलोकनि, जे मुँह झांपि सगरे सैर करैत फिरैत छथि, तनिकर हाजिरी लेबा लेल शिक्षिकालोकनिकेँ पार्क, सिनेमाहाॅल वा बाजार प्रांगणक गेटपर तैनाती कयल जाय'.

- कक्का अहाँ कोनो बातपर एकदिसाहे किए बाजय लगैत छिऐ ?'

- हौ, हम किएक एक भग्गू होयब, जखन तोहर सरकारे कहैत छैक जे अठारह वर्षसँ पहिने विवाह नहि होयबाक चाही आ दोसर दिस अठारहे वर्षमे ओकरा फोटो पहचान- पत्र द' दैत छैक तँ एहिमे की माय-बाप करतैक आ की हम तों करबह. बालिग जे करय से ओकर अधिकार'.

-'एकर माने कोर्ट जे कयलक सैह ठीक'. पदारथ पुनः बाजल.

- देख' पदारथ कोर्ट आब सेहो पाक-साफ  रहि झंझटमे नहि पड़य चाहैत अछि. सरकार से प्रतिदिन रोजगार देबाक बात कहैत छैक. तें पार्क , सिनेमा आ कि बजार प्रांगणमे मैथिली सेवी जकाँ जँ ककरो अंशकालिक चाकरी भेटि जाइत छैक तँ ताहिमे हर्जे की ! हमरा तँ एहिमे प्रसन्नता होइत अछि जे एखनो लोकमे लाज-धाख बाँचल छैक तेँ ने मुँह झांपि चलैत अछि आ 'झरकल मुँह झपनहि नीक' मैथिली लोकोक्तिकेँ जिऔने अछि'.
ई कहि करिया कक्का गुम्म भ' गेलाह आ पदारथ सेहो चुपचाप दोसर समाचार पढ़य लागल.

संपर्क :
शरदिन्दु चौधरी
2A/39, इन्द्रपुरी, पटना-24
मो. 09334102305
झरकल मुँह झपनहि नीक झरकल मुँह झपनहि नीक Reviewed by बालमुकुन्द on अगस्त 03, 2015 Rating: 5

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